UP Shikshamitra Retirement Age Hike Update: प्रयागराज हाईकोर्ट के द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश सुनाया गया है| जो कि हाई कोर्ट के माध्यम से यह आदेश शिक्षामित्र के लिए सुनाया गया है| हजारों शिक्षामित्र की जिंदगी से जुड़ा हुआ यह आदेश है| ऐसे शिक्षा मित्र है जो कि गांव देहात के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ा रहे हैं| अभी तक उनके रिटायरमेंट की उम्र सीमा 60 वर्ष है| लेकिन उनके रिटायरमेंट उम्र सीमा बढ़ोतरी को लेकर बड़ा अपडेट है| जैसे कि शिक्षामित्र के रिटायरमेंट और सीमा 62 वर्ष किए जाने को लेकर बाद अपडेट आ चुका है| शिक्षामित्र के द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दाखिल किया गया है और उनके रिटायरमेंट उम्र सीमा 60 वर्ष से 62 वर्ष किया जाए कोर्ट के द्वारा इस पर राज्य सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है| ऐसे में अब यहां पर सवाल यह उठ रहा है कि क्या शिक्षामित्र की रिटायरमेंट उम्र 60 वर्ष से 62 वर्ष होगी या फिर नहीं पूरी जानकारी बताइ गयी है|
UP Shikshamitra High Court Hearing
शिक्षामित्र के रिटायरमेंट उम्र सीमा बढ़ाए जाने का मामला हाई कोर्ट में चला गया है| इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई जारी है| शिक्षामित्र के माध्यम से दायर याचिका में अपनी सेवा उम्र 60 वर्ष से बढाते हुए 62 वर्ष किए जाने का मांग किया गया है| कोर्ट के द्वारा इस याचिका पर राज्य सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांग लिया गया है यह याचिका जस्टिस मंजू रानी सिंह चौहान के एकल बेंच में सुनाया गया है|
UP Shikshamitra Hight Court Hearing Latest News
याचिका कर्ता के द्वारा 17 फरवरी 2023 के सरकारी आदेश को यहां पर चुनौती दे दिया गया है| इस आदेश में शिक्षामित्र का संविदा आधार सेवा को 60 वर्ष तक की उम्र पूरा हो जाने पर खुद ब खुद खत्म किए जाने का प्रावधान किया गया था| जो कि इस याचिका में कहा गया है कि शिक्षामित्र की है नियुक्ति जो है उन प्राथमिक विद्यालयों में किया गया था जहां कि सहायक अध्यापक के पास पूरी तरीके से रिक्त थे| उनका चयन पूरी विधिवत प्रक्रिया से तय हुआ था| याचिकाकर्ता का जो मुख्य तर्क यह है कि जब नियमित सहायक अध्यापकों का सेवानिवृत्ति उम्र समय पर बढ़ाया जाता है तो शिक्षामित्र के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जाता है उनके साथ भी सामान प्रकृति का व्यवहार होना चाहिए|
शिक्षामित्र मामले में याचिका कर्ताओं ने कोर्ट से यह मांग की
- याचिका कर्ताओं के द्वारा कोर्ट से कई प्रकार की मांगे किया गया है|
- विवादित सरकारी आदेश का जो प्रभाव है और क्रियान्वयन पर रोक लगाया जाए|
- पड़ी हुई रिट याचिका के अंतिम फैसला आने तक शिक्षामित्र को सेवा में पूरी तरीके से बनाए रखा जाए जिनकी रिटायरमेंट 60 वर्ष पूरा हो चुका है|
- संविधान का अनुच्छेद 226 के तहत कोर्ट के रिट अधिकारिकता का प्रयोग करते हुए परमादेश जारी कर दिया जाए|
याचिका कर्ता का नाम व उनके अधिवक्ता जानिए
हाई कोर्ट में ओमप्रकाश व तीन अन्य शिक्षामित्र के माध्यम से दाखिल किया गया है| जो कि याचिकाकर्ता के जो अधिवक्ता डॉक्टर गजेंद्र सिंह यादव हैं उनके द्वारा कोर्ट को यह बताया गया है कि यह जो मामला है काफी महत्वपूर्ण है व्यापक जल्दी से जुड़ा हुआ है इसलिए कोर्ट से जल्द हस्तक्षेप का मांग किया गया है|
सुनवाई में अब आगे क्या होगा जानिए
अगली सुनवाई के संबंध में बात किया जाए तो राज्य सरकार अपना जो जवाब है वह पेश करने वाले हैं| इसके बाद कोर्ट इस मामले पर आगे की सुनवाई करने वाला है| अभी तक सरकार के द्वारा अपना पक्ष नहीं रखा गया है| कोर्ट के द्वारा 4 हफ्ते का सरकार को समय दिया गया है| यह जो मामला है बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के हजारों शिक्षामित्र से पूरी तरीके से जुड़ा हुआ मामला है| अब उम्र की वजह से नौकरी न छीन पे इस वजह से कोर्ट का फैसला उनके जिंदगी पर काफी बड़ा असर डाल सकता है|
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