UP Board Exam Marking New Rules: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के माध्यम से लाखों छात्रों हेतु काफी बड़ी राहत की खबर आ चुकी इस बार उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के द्वारा कॉपी जांचने के तरीका हेतु काफी बड़ा बदलाव कर दिया गया है। अब बोर्ड के माध्यम से इस टाइम मार्किंग सिस्टम को लागू किया जा रहा है। यानी सवाल पूरा गलत होने पर उनको स्टेप मार्किंग मिल पाएगी। इसके साथ ही देखा जाए तो कापियों की जो जांच है वह ऑनलाइन सिस्टम से किया जाएगा। जिससे रिजल्ट में बिल्कुल भी देरी नहीं हो पाएगी वह नंबर जोड़े जाने की जो गलतियां हैं उसके कम होने की काफी उम्मीदें हैं।
स्टेप मार्किंग की वजह से मिलेंगे सही अंक
उत्तर प्रदेश बोर्ड के द्वारा इस वर्ष कापी जांचे जाने हेतु स्टेप मार्किंग के तरीके को अपनाया जाने का महत्वपूर्ण फैसला ले लिया गया है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि अगर किसी छात्र के द्वारा सवाल पूरा सही से नहीं किया गया है लेकिन शुरुआत या बीच के स्टेप सही से उनके द्वारा लिखे गए हैं तो उनके नंबर बिल्कुल नहीं काटे जाएंगे। जितना सही कार्य होगा उतने नंबर दिया जाएगा। बोर्ड का यह कहना है कि इससे उन छात्रों को फायदा मिल पाएगा जो कि सवाल समझ तो रहे हैं लेकिन आखिरी स्टेप में गलती अवश्य कर देते हैं अब छात्रों की मेहनत बिल्कुल बेकार नहीं होगी और उन्हें सही स्टेप का पूरा अंग मिल पाएगा।
सवालों में गलती हो जाने पर नहीं कर पाएंगे पूरे अंक
गणित व विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों की बात किया जाए तो कई बार छात्र पूरा सवाल तो हल कर ले पाते हैं लेकिन आखिरी जोड़ घटाव या फिर किसी छोटे सिस्टम में गलती उनसे हो ही जाती है तो ऐसी स्थिति में पूरे नंबर उनके कट जाते थे। जिससे छात्रा पूरी तरीके से निराश हो जाते थे। अब नया नियम के तहत ऐसा नहीं किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर अगर पांच नंबर का यह सवाल है और छात्र ने तीन स्टेप को सही से हल किए हैं तो कम से कम तीन नंबर जरूर उनको मिलेंगे। बोर्ड के द्वारा परीक्षाओं को निर्देश दे दिया है कि वह छात्रों के हर सही स्टेप को ध्यान में रखते हुए उसी के अनुसार उनका अंक दें।
यूपी बोर्ड कॉपियों की जांच अब कंप्यूटर के स्क्रीन पर
उत्तर प्रदेश बोर्ड के द्वारा मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव कर दिया गया है। कापियों को पहले स्कैन किया जाने वाला है फिर उनको डिजिटल तरीके से जांचा जाना शुरू होगा। यानी टीचर लाल पेन से काफी पलटते हुए चेक नहीं कर पाएंगे। बल्कि कंप्यूटर स्क्रीन पर लॉगिन करते हुए कॉपियां चेक हो पाएंगी। इससे कॉपी चेकिंग का जो पूरा प्रक्रिया है वह उसमें तेजी आएगी और अंक जोड़ने जाने में जो होने वाली गलती है वह खत्म हो पाएगी। जैसे ही परीक्षा का नंबर प्रदान करेंगे वह सीधे बोर्ड के सिस्टम में कोई तरीके से सुरक्षित हो जाएंगे। जिससे बाद में नंबर जोड़ने की समस्या नहीं हो पाएगी।
रिजल्ट आने में नही हो पाएगी देरी
ऑनलाइन मार्केटिंग सिस्टम लागू होने के बाद यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 का जो रिजल्ट है। जल्द जारी होने की उम्मीदें हैं। पहले कॉपियों का मैनुअल जांच होगी। जिसमें काफी समय लगता था। कई बार इसमें अंक जोड़ने या फिर किसी सवाल को बिना जांचे छोड़ देने जैसी महत्वपूर्ण गड़बड़ी सामने आई थी। अब डिजिटल सिस्टम में जैसे ही कॉपी जांची जाएगा नंबर तुरंत बोर्ड के डेटाबेस में दर्ज हो पाएगा। इस रिजल्ट तैयार किए जाने की प्रक्रिया में तेजी देखने को मिलेगी और छात्रों को महीना इंतजार ज्यादा नहीं करना पड़ेगा।
कॉपियों के मूल्यांकन हेतु जिलों में तेजी से चल रही तैयारी
नया सिस्टम लागू किए जाने के बाद प्रदेश के कई जिलों में मूल्यांकन केंद्र को पूरी तरीके से अपग्रेड हो किया जा रहा है।जिसके लिए कंप्यूटर लैब में हाई स्पीड इंटरनेट मीडिया एवं जरूरी तकनीकी सुविधा को तैयार किया जा रहा है। साथ ही परीक्षाओं को ट्रेनिंग दिया जा रहा है। जिससे उन्हें ऑनलाइन कापी किस प्रकार जांचनी है और स्टेप मार्किंग के आधार पर नंबर कैसे दर्ज किए जाने हैं। बोर्ड का यह कहना है कि इस नए सिस्टम से मानवीय गलती कम हो पाएगी और पूरी प्रक्रिया ज्यादा सटीक व्यवस्था तरीके से पूरा हो पाएगा।
कापी जांच में आएगी पारदर्शिता
ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणांली लागू होने के बाद कापी जाचने की प्रक्रिया काफी ज्यादा पारदर्शिता हो पाएगी। बोर्ड के अधिकारी किसी भी समय किसी भी कॉपी को सिस्टम में देखते हुए जांच कर पाएंगे और उसे सही तरीके से चेक कर पाएंगे। इससे काफी जांच में किसी भी तरह का पक्षपात या लापरवाही का संभावना कम हो पाएगा। खासकर उन सभी छात्रों को इस संबंध में फायदा मिल पाएगा। जिन्होंने पहले अपने नंबर कम होने पर रिचेकिंग हेतु उनका आवेदन करना पड़ता था।
मार्किंग व ऑनलाइन कॉपियों के चेकिंग जैसे महत्वपूर्ण बदलाव की वजह से यह साफ है कि मूल्यांकन की जो प्रक्रिया है छात्र हित में काफी है। तकनीक के साथ यह आगे बढ़ाने की काफी कोशिश कर रहे है जिससे औसत छात्रों का पास होने में काफी राहत मिल पाएगा और जो भी मेहनत करने वाले छात्र हैं उनको सही तरीके से अंक मिल पाएंगे।