NEET JEE Free Coaching Scheme: सरकार के द्वारा सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों हेतु एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। अब राज्य के जितने भी ब्लॉक है यहां पर एक मॉडल स्कूल खोला जाने वाला है। जहां पर के जेईई और नीट जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु तैयारी करवाया जाएगा यह फैसला उन सभी छात्रों के लिए काफी बड़ा राहत भरा होने वाला है। जो की महंगी कोचिंग का वह खर्च नहीं उठा पाते हैं और इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन का उनका सपना होता है और मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का उनका सपना होता है। लेकिन कोचिंग की फीस की वजह से वहां कोचिंग नहीं कर पाए। जिस वजह से उनका दाखिला नहीं हो पाता 543 ब्लॉक में मॉडल स्कूल शुरू किए जाने की तैयारी चल रही है और इसी शैक्षिक सदस्य उन्हें शुरू किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
गरीब छात्र हेतु जरूरी है यह महत्वपूर्ण फैसला
अक्सर यहां पर यहां देखा जाता है कि जेईई व नीट की तैयारी कर रहे जो छात्र है महंगी कोचिंग संस्थान का काफी बड़ा सहारा लेते हैं बड़े शहरों में देखा जाए तो कोचिंग की फीस बहुत ज्यादा रहती है जो कि हर परिवार के लिए है संभव नहीं रह पाता है।खासकर ग्रामीण व आर्थिक रूप से जो कमजोर परिवार है वह बच्चे हैं उनके लिए काफी बड़ा चुनौती बना हुआ है कई प्रतिभाशाली छात्र सिर्फ पैसों की कमी की वजह से वह अच्छी तैयारी नहीं कर पाते थे जो कि उनका सपना अधूरा रह जाता था। इन सब समस्याओं को देखते हुए बिहार सरकार के द्वारा यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है ताकि गांवों व छोटे शहरों के छात्रों को भी बड़े शहरों जैसा सुविधा आसानी से मिल पाए।
कक्षा 9वी से शुरू हो पाएगी छात्रों की तैयारी
इस स्कीम की सबसे बड़ी यह खास बात है कि जो छात्र कक्षा 9वी से ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं उनको तैयारी करवाया जाएगा। आमतौर पर ग्रामीण या फिर 12वीं में जाते हुए तैयारी शुरू कर पाएंगे। जिससे समय कम बढ़ पाता है सिलेबस भी काफी ज्यादा रहता है। लेकिन अब मॉडल स्कूलों में बच्चों का नई शुरुआत से ही काफी मजबूत रहेगा। इन स्कूलों में अनुभवी शिक्षक व विषय विशेषज्ञ पढ़ने वाले हैं छात्रों हेतु निमित टेस्ट सीरीज आयोजित किया जाएगा। ताकि वह परीक्षा पैटर्न को अच्छी तरह से समझ पाए। साथ ही डाउट क्लीयरिंग सेशन व करियर काउंसलिंग हुआ आधुनिक लाइब्रेरी का सुविधा मिल पाएगा। बेहतर स्टडी मैटेरियल भी इन कोचिंग पर उपलब्ध रहेगी। जिससे छात्रों को अलग से कोचिंग लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
हर ब्लॉक में खोला जाएगा एक मॉडल स्कूल
सरकार की यह योजना है कि राज्य के जितने भी 540 ब्लॉक है यहां पर मॉडल स्कूल शुरू कर दिया जाए इससे गांव और छोटे शहरों के जो छात्र है। काफी बड़े शहरों में जैसे पढ़ाई की सुविधा का लाभ मिल पाएगा। शिक्षा का जो इस तरह एक समान किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है इन स्कूलों का शुरुआत इसी शैक्षणिक सदस्य किए जाने की तैयारी चल रही है। अगर यह योजना सही तरीके से लागू कर दिया जाता है तो हजारों छात्रों को इसका काफी बड़ा फायदा मिल पाएगा। राज्य में प्रतियोगी परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ पाएगी। वहीं जिन ब्लॉकों में अभी तक अच्छे स्कूल मौजूद नहीं थे। वहां के छात्रों को सबसे ज्यादा राहत मिल पाएगा।
इस तरह मिल पाएगा छात्रों को एडमिशन
मॉडल स्कूलों की बात किया जाए तो एडमिशन सीधे इनको नहीं मिलेगा। बल्कि इसके लिए एक प्रवेश परीक्षा आयोजित होगा। यह परीक्षा राज्य शिक्षा शोध व प्रशिक्षण परिषद के तहत होगा। सफल छात्रों को मेरिट के आधार पर प्रवेश मिल पाएगा। इस प्रक्रिया से यह पूरी तरीके से सुनिश्चित हो पाएगा कि पढ़ाई का जो माहौल है वह सही तरीके से बना रहे। केवल मेहंदी छात्र ही इन स्कूलों में जगह मिल पाए जिन छात्रों का चयन होगा उन्हें नियमित रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं के आधार पर बढ़ाया जा सकेगा।
क्या बदलाव हो सकेगा इस योजना से
बिहार में अब तक देखा जाए तो के युवा नेता की तैयारी हेतु ज्यादा छात्र पटना या दूसरे बड़े शहरों में जाते थे जो कि परिवार पर आर्थिक बोझ पड़ जाता था। इस योजना के लागू हो जाने के बाद छात्रों को अपने ब्लॉक में यह सुविधा मिल पाएगा। बता दिया जाता है राज्य में हर वर्ष लाखों छात्र जो ही नेट की परीक्षा को देते हैं। लेकिन सीमित संसाधन की वजह से काफी बड़ी संख्या में छात्र अच्छे कॉलेज में उनका एडमिशन नहीं मिल पाता है। मॉडल स्कूलों में छात्रों को सही समय तैयारी का अवसर मिल पाएगा और राज्य का शिक्षा स्तर भी बेहतर हो पाएगा। फिलहाल इस योजना को इसी शैक्षणिक सत्र से लागू किये जाने की तैयारी चल रही हैं।