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CBSE ने लिया बड़ा फैसला, दूसरी बोर्ड परीक्षा व रि चेकिंग हेतु दो नए नियम हुए लागू CBSE Board Result New Rules

CBSE Board Result New Rules: सीबीएसई बोर्ड के माध्यम से कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा 11 मार्च को समाप्त हो चुका है और 12वीं की परीक्षा 10 अप्रैल तक अभी चलेंगे। सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा में कुल 50 लाख छात्र इस बार बैठे हैं। पहले बोर्ड परीक्षा खत्म होने के बाद दूसरी बोर्ड की तैयारी का समय आ चुका है। जो कि मई में दूसरी बोर्ड परीक्षा होगी। छात्र अभिभावक सोच रहे हैं कि आखिर दूसरी बार बोर्ड देना सही रहेगा या फिर नहीं सही रहेगा। रिजल्ट के बाद नंबरों से जो नाखुश छात्र हैं उनके लिए सीबीएसई चेकिंग की सुविधा प्रदान करता है। इस पूरे मामले में सीबीएसई का एग्जाम कंट्रोलर डॉक्टर संयम भारद्वाज के द्वारा कई प्रकार की जरूरी जानकारी बताई गई है।

सीबीएसई बोर्ड का दूसरा एग्जाम कब तक व आवेदन कैसे करें

सीबीएसई बोर्ड कक्षा दसवीं का बोर्ड परीक्षा 15 मई से लेकर 1 जून 2026 के बीच आयोजित किया जा सकता है। सबसे बड़ी महत्वपूर्ण बात यह है कि इसके लिए अलग से कोई फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है। जो छात्र इसके स्कूलों ने यह सितंबर 2025 में LOC यानी लिस्ट आफ कैंडिडेट जमा किया और इसी वक्त दोनों परीक्षाओं की फीस भर दिया था। उनका पंजीकरण पहले ही कर दिया गया है। पहले बोर्ड का रिजल्ट अप्रैल 2026 में जारी हो जाएगा। सीबीएसई बोर्ड के माध्यम से दूसरी बोर्ड का आधिकारिक शेड्यूल पर किया जल्द घोषित करने वाला है। इसलिए रिजल्ट के बाद cbse.gov.in पर अवश्य पूरी नजर बनाकर रखें।

सीबीएसई दूसरा बोर्ड एग्जाम हेतु यह शर्तें है आवश्यक

दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठे हेतु सीबीएसई के द्वारा कुछ महत्वपूर्ण नियम तय कर दिया है जो कि हर छात्र को पता होना आवश्यक है।

  • कक्षा दसवीं के छात्रों हेतु पहले बोर्ड परीक्षा में बैठना आवश्यक है।
  • जो छात्र पहली परीक्षा में पास हो जाते हैं जो छात्र विज्ञान गणित सामाजिक विज्ञान व भाषा रहित अधिकतम तीन मुख्य परीक्षा में नंबर सुधारने हेतु वह दूसरी बार बोर्ड एग्जाम दे सकते हैं।
  • दोनों परीक्षा में जो नंबर ज्यादा पाएंगे वही फाइनल मार्कशीट पर अंक दिखेगा।
  • अगर छात्र पहले बोर्ड परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में गैर हाजिर रहे हैं तो वह दूसरी बोर्ड परीक्षा हेतु पात्र नहीं रहेंगे।

रिवैल्युएशन या रिचेकिंग किस तरह कार्य करता है जाने

रिजल्ट जारी हो जाने के बाद अगर छात्र नंबरों से खुश नहीं है तो सीबीएसई के माध्यम से तीन प्रकार का विकल्प दिया जाता है। पहला आंसर शीट का स्कैन कॉपी लिया जाना, दूसरा मार्च का वेरिफिकेशन और तीसरा इवैल्यूएशन अथवा रिचेकिंग इसके कापी हेतु प्रोसेसिंग फीस ₹500 प्रति विषय पर हैं जो सिर्फ ऑनलाइन जॉब माध्यम से जमा हो पाएगा। रिवैल्युएशन हेतु थ्योरी पार्ट के हर सवाल पर ₹100 फीस लगता है। ऑफलाइन या अधूरी अर्जियां सीधे रद्द हो पाएंगी और फिर से किसी भी हाल में वापस नहीं होगा बता दिया जाता है। इस बार 12वीं में ऑन स्क्रीन मार्किंग लागू हो जाने की वजह से 12वीं के छात्रों को रिचेकिंग का अवसर मिलने की उम्मीद काफी कम है।

रिचेकिंग में इस तरह मार्क्स बढ़ते हैं जानिए

सीबीएसई बोर्ड के एग्जाम कंट्रोलर डॉक्टर स्वयं भारद्वाज के माध्यम से इस सवाल पर या स्पष्ट जवाब दिया गया है। उन्होंने यह कहा है कि यह बिल्कुल जरूरी नहीं कि रिवैल्युएशन में मार्क्स छात्रों के बाद अब नंबर रिवैल्युएशन की वजह से कम भी हो सकते हैं यह पूरी तरह छठ का पेपर पर निर्भर रहता है। उन्होंने यह कहा कि कई बार पेरेंट्स मार्क्स कम होने की वजह से बोर्ड एग्जाम पास जाते हैं और यह करते हैं कि पहले वाले नंबर ही रख लिया जाए। लेकिन यह नियम के पूरी तरीके से खिलाफ है एक बार भी वैल्यूएशन हो गया तो जो नंबर आएंगे चाहे बढ़े या फिर कम हो वही फाइनल माना जाएगा और इस फैसले के खिलाफ कोई अपील कोर्ट में नहीं हो सकती है।

नकल में पकड़े गए छात्र अतिरिक्त विषय से नहीं बच पाएंगे

सीबीएसई के माध्यम से 2026 से एक और महत्वपूर्ण बदलाव कर दिया है। अब तक परीक्षा में नकल या अनुचित साधन पकड़े जाने के बाद उस विषय का परीक्षा रद्द कर दिया जाता था। लेकिन छात्र फेल हो या पास अतिरिक्त विषय के नंबरों के आधार पर पास हो पाए थे। इस सुविधा को पूरी तरीके से खत्म कर दिया गया है। परीक्षा नियंत्रक डॉक्टर स्वयं भारद्वाज के द्वारा कहा गया कि 2025 में जो भी कक्षा दसवीं के 608 छात्र नकल करते पकड़े गए हैं। जिनमें से 388 छात्र इसी अतिरिक्त विषय वाली सुविधा से पास हुए थे। अब ऐसे छात्र सीधे कंपार्टमेंट श्रेणी में आएंगे। उन्हें इस विषय की परीक्षा फिर से दोबारा देना पड़ेगा।

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