UP Outsourcing Employees Salary Hiked: उत्तर प्रदेश राज्य की योगी सरकार के द्वारा प्रदेश भर के 2 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन बढ़ाए जाने का ऐलान कर दिया है। काफी लंबे समय से वेतन बढ़ाई जाने व समय पर भुगतान किए जाने की यह कर्मचारी मांग कर रहे थे। जिनको अब राहत मिलता हुआ दिखाई दे रहा है सरकार के द्वारा मानदेय में बढ़ोतरी किए जाने का ऐलान कर दिया है और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं भी इस पर जोड़ दिया गया है। अब इसके साथ ही चयन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। ताकि जो निजी एजेंसियां हैं उनकी मनमानी कम हो पाए और कर्मचारी नियम के आधार पर काम व उनका भुगतान आसानी से मिल पाए सरकार का यह फैसला इन कर्मचारियों हेतु बहुत ही लाभ कर होने वाला है।
आउटसोर्स कर्मियों के मामले में भारी बढ़ोतरी
सरकार के द्वारा अलग-अलग पदों पर जो कार्य कर रहे हैं आउटसोर्स कर्मी है उनके वेतन में बढ़ोतरी किए जाने का महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। सरकार की जानकारी के अनुसार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर तकनीकी सहायकों तक का जो मानदेय है वह ₹8000 से लेकर ₹11000 तक का बढ़ोतरी कर दिया गया है इससे उन सभी कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलने वाला है जो कि काफी लंबे समय से कम वेतन पर अपना कार्य दे रहे थे सेवा दे रहे थे नया वेतन लागू हो जाने के बाद कई कर्मचारी जो कि जिनकी मासिक आमदनी पहले के मुकाबले ज्यादा होने वाली है और जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में काफी राहत मिल पाएगी।
वेतन दिए जाने के साथ EPF व ESI दिए जाने का लाभ
मानदेय बढ़ोतरी के साथ ही सरकार के द्वारा कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़े जाने का महत्वपूर्ण फैसला ले लिया कि आप जितने भी आउटसोर्स कर्मचारी हैं उनके वेतन के साथ ही इनको 13 फ़ीसदी EPF व 3.25% ESI का सुविधा दिया जाएगा। इसका सीधा सा यह अर्थ है कि कर्मचारियों का भविष्य का इलाज व सुरक्षा भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। पहले कई जगहों पर कर्मचारियों को ऐसा सुविधा नहीं दिया जाता था। इससे उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था लेकिन अब नयी व्यवस्था के बाद यहां लाभ सीधे उनको आसानी से मिल पाएगा।
नियुक्ति हेतु नई व्यवस्था लागू निजी एजेंसियों पर लगी रोक
पहले जो आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्ति का काम ज्यादातर निजी एजेंसियों के माध्यम से कर दिया जाता था। कई बार कर्मचारियों के द्वारा आरोप लगाया गया है कि एजेंसी यह मनमानी करती है समय पर पूरा वेतन इनको नहीं मिल पाता है इन शिकायतों को देखते हुए सरकार के द्वारा अब उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से नियुक्तियां किए जाने का व्यवस्था बनाया गया है। इससे नियुक्ति प्रक्रिया सीधे निगरानी में हो पाएगा और कर्मचारियों को कार्य करने से लेकर भुगतान तक का प्रक्रिया ज्यादा साफ वह आसान इस वजह से माना जा रहा है।
ऐलान के बाद नई दरें हुए थे शिक्षक सेवा हेतु अलग-अलग मानदेय निर्धारित
सरकार के द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से जो कार्य करने वाले अलग-अलग पदों हेतु न्यूनतम मानदेय है इसको तय कर दिया गया है। जिसके तहत डॉक्टर को करीब ₹40000 तक का वेतन मान दिया जाने वाला है। वहीं शिक्षक सेवा से जुड़े कर्मचारियों हेतु करीब ₹25000 तक का मानदेय दिया जाने वाला है। बताया या जा रहा है कि नहीं दोनों का प्रमुख उद्देश्य यह है कि अलग-अलग विभागों में कार्य करें कर्मचारियों को तय समय सीमा से कम वेतन न दिया जाए और सभी जगह एक समान प्रकार की व्यवस्था बनी रहे।
कर्मचारी हेतु बजट बढ़ाते हुए अतिरिक्त राशि
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के द्वारा विधानसभा में इस फैसले का जानकारी दिए जाने के दौरान यह कहा गया है कि कर्मचारियों हेतु बजट में सीधा बढ़ोतरी कर दिया गया है। सरकार के द्वारा विभाग के कुल बजट बढ़ाते हुए कुल 2223 से करोड रुपए कर दिया गया है। जो कि पिछले बजट से लगभग गया 426 करोड रुपए इस बार ज्यादा है सरकार का यह कहना है कि इस अतिरिक्त राशि की वजह से आउटसोर्स कर्मचारी का मानदेय वह अनुसुविधा को लागू करने में काफी मदद मिल जाएगा। आगे भी व्यवस्था को इसी तरह जारी रखे जाने का कार्य अब जारी रहेगा।