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बिना टेट पास शिक्षकों के लिए नया नियम, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नोटिस जारी

Teacher TET Update: सरकारी विद्यालय में पढ़ा रहे शिक्षक के मन मे इस समय एक काफी बड़ा सवाल आ रहा है। अगर शिक्षक के द्वारा अभी तक डेट नहीं पास किया गया है तो क्या उनकी सर्विस पर असर पड़ेगा महत्वपूर्ण बताया है कि लोग शिक्षण संचनालय भोपाल के माध्यम से एक नया नोटिस इस संबंध में जारी कर दिया गया है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इस सम्बन्ध में हवाला दिया गया है। इस नोटिस में यह कह दिया गया है कि प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल में पढ़ने हेतु शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टेट पास करना आवश्यक रहेगा। यही वजह है कि अब शिक्षा विभाग जिलों में ऐसे शिक्षकों की लागत जानकारी को जुटा रहे हैं जिन भी शिक्षकों ने टेट नहीं पास किया है सरकार के द्वारा नों टेट शिक्षकों हेतु दिशा निर्देश जारी किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्यों को भेज दिया गया नोटिस

लोक शिक्षण संचनालय के माध्यम से इस नोटिस के तहत सुप्रीम कोर्ट का हरिया फैसले का जिक्र हुआ है। जिसमें यह मामला शिक्षा के अधिकार कानून 2009 से पूरी तरीके से जुड़ा हुआ है। कोर्ट के द्वारा सिविल अपील नंबर 1385/2025 और 1386/2025 में कुछ ऐसे मामले हैं जिसकी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि स्कूलों में जो पढ़ने वाले शिक्षक हैं पात्रता पास करना बेहद जरूरी है। इस आदेश पर मध्य प्रदेश में अब जिलों व संभागों के जो अधिकारी हैं उनको दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है। अब यहां समझने की बात है कि फैसला अचानक यह नहीं आया बल्कि कई वर्षों से चल रहे हैं मामलों के बाद इस फैसले की स्थिति बनी है।

इन शिक्षकों पर पड़ सकता है सबसे बड़ा असर

सबसे बड़ा यह सवाल है कि इस नियम के बाद यह नियम कौन से शिक्षकों पर लागू किया जाएगा तो नोटिस में पूरी तरीके से बताया गया है कि ऐसे शिक्षक जो की शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के पहले ही स्कूलों में चयनित कर लिए गए थे। अब उनका रिटायरमेंट में अभी 5 साल से कम का वक्त बचा है तो उन्हें सेवा जारी रखने के लिए टेट पास करना आवश्यक है कोर्ट ने इसके लिए 2 वर्ष का समय दिए जाने का बात कहा है जैसे की कोई शिक्षक कभी स्कूल में वर्तमान में पढ़ा रहे और उनका रिटायरमेंट 7 या 8 वर्ष के समय पूरी तरीके से बचा हुआ लेकिन उसने पास अगर नहीं किया है तो ऐसे शिक्षक को 2 वर्ष के अंदर या परीक्षा को पास करना पड़ेगा। नहीं तो उनकी सेवा पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

जो शिक्षक समय पर परीक्षा नहीं पास करेंगे क्या होगा जाने

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा एक आदेश जारी किया गया और जिसके द्वारा यह दिशा निर्देश दिया गया कि अगर कोई शिक्षक तय समय के अंदर टीईटी को नहीं पास कर रहे हैं तो उनको अपनी सर्विस छोड़ना पड़ सकता है या फिर अनिवार्य रिटायरमेंट उनको दिया जा सकता है। हालांकि एक बात और यहां पर जोड़ा जा रहा है कि ऐसे शिक्षक उनके सेवा नियमों के मुताबिक मिलने वाला जो टर्मिनल बेनिफिट्स है वह दिया जा सकता है लेकिन इसके लिए सबसे बड़ा जरूरी है कि उन्होंने सेवा की अवधि पूरा कर लिया हो। जो नियमो के तहत पूरी तरीके से तय है अगर किसी शिक्षक का सेवा अवधि में कोई कमाई निकल रहा है तो वह सरकार के सामने अपने पक्ष को रख सकते हैं और विभाग उनके मामलों पर अलग से इस संबंध में विचार कर सकते हैं।

नए शिक्षक व प्रमोशन पाने वालों के लिए नियम

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा अपने आदेश में एक बात और कहा गया है कि भविष्य की चयन से जुड़ा हुआ यह मामला है सुप्रीम कोर्ट के द्वारा कहा गया है कि जो भी उम्मीदवार शिक्षक बनने का चाह रखते हैं या तो शिक्षक प्रमोशन के माध्यम से पद पाना चाहते हैं उनके लिए टेट पास करना अनिवार्य है अगर किसी उम्मीदवारों के द्वारा यह परीक्षा नहीं पास किया जाता तो उन उनके उम्मीदवार उम्मीदवारी पर विचार नहीं होगा। इसी के साथ शिक्षा विभाग को यह भी संकेत दे दिया गया है कि राज्य में प्राथमिक माध्यमिक स्तर के शिक्षकों हेतु पात्रता परीक्षा का आयोजन जुलाई या अगस्त 2026 के आसपास होगा ताकि जिन शिक्षकों ने अभी तक टेट नहीं पास किया है वह टेट पास कर ले और उनको मौका मिल पाए।

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